
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि अटलजी ने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया और उनका व्यक्तित्व, कृतित्व व नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “देशवासियों के हृदय में बसे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया। वे प्रखर वक्ता होने के साथ-साथ ओजस्वी कवि के रूप में भी सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।”
अटलजी की वाणी भारत के सामान्य मानवीय आशाओं और आकांक्षाओं की वाणी
नरेंद्र मोदीने अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े अपने पुराने भाषणों का एक वीडियो भी साझा किया। इसमें उन्होंने कहा था, “अटलजी की वाणी सिर्फ भाजपा की आवाज नहीं थी, बल्कि एक समय ऐसा भी था जब अटलजी की वाणी भारत के सामान्य मानवीय आशाओं और आकांक्षाओं की वाणी बन चुकी थी। अटलजी बोल रहे हैं, मतलब देश बोल रहा है। वे अपनी भावनाओं को नहीं, बल्कि देश के जन-जन की भावनाओं को समेटकर उन्हें अभिव्यक्ति देते थे।”
देश अटलजी के योगदान को कभी नहीं भूल सकता
पीएम मोदी ने अपने संदेश में आगे कहा, “यह देश अटलजी के योगदान को कभी नहीं भूल सकता। उनके नेतृत्व में भारत ने परमाणु शक्ति के क्षेत्र में भी देश का सिर ऊंचा किया। पार्टी नेता, संसद सदस्य, मंत्री या प्रधानमंत्री- अटलजी ने प्रत्येक भूमिका में एक आदर्श स्थापित किया।”
अटलजी का आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, “अटलजी की जन्म-जयंती हम सभी के लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का विशेष अवसर है। उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है। उन्होंने अपने जीवन से सिद्ध किया कि श्रेष्ठता पद से नहीं, आचरण से स्थापित होती है और वही समाज को दिशा देती है।”
प्रधानमंत्री ने एक सुभाषित भी साझा किया, जो अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और व्यक्तित्व के एक महत्वपूर्ण पहलू को रेखांकित करता है
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक सुभाषित- ‘यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥’- भी साझा किया, जो अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और व्यक्तित्व के एक महत्वपूर्ण पहलू को रेखांकित करता है। (इनपुट: आईएएनएस)
