केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी की भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी की भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति और रणनीति ‘प्रहार’ का अनावरण किया। यह आतंकवाद के सभी रूपों से निपटने के देश के दीर्घकालिक प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए व्यापक ढांचा

‘प्रहार’ नीति सीमा पार आतंकवाद, ड्रोन हमलों, साइबर खतरों और संगठित आतंकी नेटवर्क सहित जटिल सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक संरचित राष्ट्रीय ढांचा प्रस्तुत करती है। दस्तावेज आतंकवाद को किसी धर्म, जातीयता, राष्ट्रीयता या सभ्यता से जोड़ने के प्रयासों को खारिज करता है और जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराता है।

मानवाधिकार और कानून के शासन पर जोर

नीति में रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया, अंतर-एजेंसी समन्वय और मानवाधिकारों के सम्मान के साथ कानून के शासन का पालन करने पर जोर दिया गया है। नागरिकों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई है।

आतंकवाद-रोधी ढांचे के सात प्रमुख स्तंभ

‘प्रहार’ भारत के आतंकवाद-विरोधी ढांचे के सात स्तंभों को परिभाषित करता है- आतंकी हमलों की रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता वृद्धि, मानवाधिकारों के अनुरूप संचालन, कट्टरता के कारणों का समाधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामाजिक लचीलापन बढ़ाना।

वैश्विक आतंकी नेटवर्क और तकनीकी खतरों पर नजर

नीति में अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों द्वारा स्लीपर सेल सक्रिय करने की कोशिशों का उल्लेख है। साथ ही ड्रोन, एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म, डार्क वेब और क्रिप्टोकरेंसी के बढ़ते उपयोग को भी गंभीर चुनौती बताया गया है।

महत्वपूर्ण अवसंरचना और सीमा सुरक्षा सुदृढ़

भूमि, समुद्री और हवाई सीमाओं पर उन्नत निगरानी प्रणाली तैनात करने के साथ रेलवे, विमानन नेटवर्क, बंदरगाह, रक्षा प्रतिष्ठान और परमाणु ऊर्जा सुविधाओं की सुरक्षा बढ़ाने की योजना है। आतंकी घटनाओं में स्थानीय पुलिस प्रथम प्रतिक्रिया देगी, जबकि प्रमुख अभियानों में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की भूमिका अहम होगी। (इनपुट: आईएएनएस)