
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में ग्रामीण विकास मंत्रालय की दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
लखपति दीदी लक्ष्य पर जोर
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने योजना की अद्यतन प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और ‘लखपति दीदी’ के 6 करोड़ लक्ष्य को हासिल करने के लिए विशेष रणनीति बनाकर युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए 10 करोड़ दीदियों को विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं से जोड़ना आवश्यक है।
राज्यों के साथ समन्वय पर निर्देश
चौहान ने अधिकारियों को राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्य पूर्ति के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं है या आवंटित बजट का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है, उन्हें मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया जाए ताकि योजना के उद्देश्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।
बजट उपयोग और लाभार्थियों तक पहुंच
केंद्रीय मंत्री ने मिशन के तहत आवंटित बजट के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को योजना का लाभ पहुंचाने के लिए सतत संवाद और समन्वय आवश्यक है।
मिशन के प्रमुख घटक
दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन चार प्रमुख घटकों—संस्थागत निर्माण एवं क्षमता विकास, सामाजिक समावेशन एवं सामाजिक विकास, वित्तीय समावेशन तथा आजीविका संवर्धन पर कार्य करता है।
वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा
मिशन के बैंक लिंकेज कार्यक्रम के माध्यम से अब तक लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता लाभार्थियों तक पहुंचाई गई है। इसके अलावा 5 करोड़ लोगों को वित्तीय साक्षरता से जोड़ा गया है और 7 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बीमा का लाभ मिला है। (इनपुट: आईएएनएस)
