वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी का बजट भाषण

छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रखा। बजट भाषण में उन्होंने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की दिशा में ठोस कदम उठाने का संकल्प दोहराया।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर

वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रावधानों की घोषणा की। समर्थन मूल्य, अंतर राशि भुगतान, सिंचाई विस्तार, भंडारण क्षमता वृद्धि तथा कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
ग्रामीण सड़कों, गौठानों और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका सशक्त करने की योजनाओं को भी मजबूती दी गई है।

युवाओं और रोजगार पर विशेष प्रावधान

बजट में युवाओं के कौशल विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन और स्वरोजगार योजनाओं के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई। तकनीकी शिक्षा संस्थानों के उन्नयन, आईटी एवं औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और नए रोजगार सृजन के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है।

अधोसंरचना और औद्योगिक विकास

राज्य में सड़कों, पुलों, स्वास्थ्य संस्थानों और शिक्षा परिसरों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर राशि आवंटित की गई है। औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की योजना भी बजट का प्रमुख हिस्सा रही।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों के उन्नयन और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का रोडमैप प्रस्तुत किया गया।

सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण

वित्त मंत्री ने महिला एवं बाल विकास योजनाओं, पोषण अभियान, पेंशन योजनाओं तथा कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए बजट में वृद्धि की घोषणा की। महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का भी प्रावधान किया गया है।

राजकोषीय अनुशासन और पूंजीगत व्यय

अपने भाषण में श्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता दी है, ताकि दीर्घकालीन विकास सुनिश्चित हो सके। राज्य की वित्तीय स्थिति संतुलित रखते हुए विकासोन्मुखी बजट प्रस्तुत करने का दावा किया गया।

बजट भाषण के अंत में वित्त मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकासशील राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।