
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने अपना 62वां स्थापना दिवस देवभूमि हिमाचल प्रदेश स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण केंद्र (सीटीसी), सपड़ी में बड़े हर्षोल्लास, अनुशासन और गरिमा के साथ मनाया। यह पहला अवसर था जब एसएसबी की स्थापना दिवस परेड का आयोजन हिमाचल प्रदेश में किया गया।
एसएसबी के 51 वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्तन, हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, शहीदों के परिजन, सेवानिवृत्त अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी, जवान, उनके परिवारजन तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर एसएसबी के 51 वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। महानिदेशक एसएसबी संजय सिंघल ने परेड का निरीक्षण किया और भव्य सलामी ली। जवानों ने बल के ध्येय वाक्य ‘सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व’ के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
महिला प्लाटून की प्रभावशाली भागीदारी ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की
एसएसबी भारत-नेपाल की 1751 किमी और भारत-भूटान की 699 किमी लंबी खुली सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियानों और विशेष अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। परेड में विभिन्न सीमांत इकाइयों की आठ पैदल टुकड़ियों ने भाग लिया। अनुशासित मार्च-पास्ट ने बल की उच्च प्रशिक्षण क्षमता और पेशेवर दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ब्रास बैंड, पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड तथा श्वान दस्ते का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। महिला प्लाटून की प्रभावशाली भागीदारी ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। हथियारों के साथ महिला जवानों का आत्मविश्वासपूर्ण मार्च बल में महिलाओं की सशक्त भूमिका को उजागर करता नजर आया।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी झांकी में आधुनिक तकनीकों का किया गया प्रदर्शन
संचार निदेशालय की ओर से पहली बार प्रस्तुत संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी झांकी में आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। प्रतिकूल मौसम के कारण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन महानिदेशक ने उनका संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें बल के साहस और समर्पण की सराहना की गई।
एसएसबी एक बहुआयामी बल
महानिदेशक संजय सिंघल ने अपने संबोधन में एसएसबी को एक बहुआयामी बल बताते हुए महिला सशक्तिकरण, खेल और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उसके योगदान को रेखांकित किया। समारोह के दौरान सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, बेस्ट बटालियन ट्रॉफी (50वीं वाहिनी उत्तरौला और 64वीं वाहिनी बरामा) तथा सर्वश्रेष्ठ बीओपी पुरस्कार प्रदान किए गए।
‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष धुन की प्रस्तुति
समारोह के समापन पर राइफल टैटू ड्रिल, मास पीटी, पारकोर और डेयर डेविल्स के रोमांचक प्रदर्शनों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। फ्यूजन डांस में हिमाचली नाटी, छोलिया, थारू, झिझिया, भूटिया, बीहू और लायन डांस की प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष धुन भी प्रस्तुत की गई। अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।
