
गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर के देबरा में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लोगों से 23 अप्रैल को मतदान कर भाजपा को सत्ता में लाने की अपील की।
‘मां, माटी, मानुष’ पर उठाए सवाल
अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी ‘मां, माटी और मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आई थीं, लेकिन उनके शासन में युवाओं को बेरोजगारी, महिलाओं को अत्याचार और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
‘कटमनी और सिंडिकेट से मुक्ति’ का आह्वान
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कटमनी, रिश्वतखोरी और सिंडिकेट राज से आम जनता परेशान है। शाह ने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता इन व्यवस्थाओं से मुक्ति दिलाए और बदलाव लाए।
घुसपैठ पर सख्त रुख
गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त करना चाहती है, जबकि राज्य सरकार इस पर कार्रवाई नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद एक-एक घुसपैठिये को बाहर किया जाएगा।
सिंडिकेट पर कार्रवाई का दावा
अमित शाह ने कहा कि राज्य में निर्माण सामग्री से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक हर जगह सिंडिकेट का कब्जा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार आने पर इस व्यवस्था को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
‘5 मई के बाद सख्त कार्रवाई’
उन्होंने कहा कि 5 मई के बाद यदि कोई भी व्यक्ति जनता को परेशान करेगा, तो उसे जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
रोजगार और आर्थिक वादे
अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर हर बेरोजगार युवा और महिलाओं को 3,000 रुपए प्रति माह देने का वादा किया गया है। साथ ही किसानों को सालाना 9,000 रुपए की सहायता देने की बात कही।
घाटाल मास्टर प्लान का जिक्र
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाटाल में बाढ़ समस्या के समाधान के लिए 1,500 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया। भाजपा सरकार बनने पर इसे एक साल के भीतर लागू किया जाएगा।
यूसीसी लागू करने का वादा
अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी, जिससे सभी के लिए समान कानून सुनिश्चित किया जा सके।
शासन और कर्ज पर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पर 8 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है, लेकिन सरकार जनता के मुद्दों की बजाय अन्य प्राथमिकताओं में व्यस्त है। (इनपुट: आईएएनएस)
