
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा की। अबू धाबी पहुंचने पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच हुई विस्तृत वार्ता में क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश, रक्षा, फिनटेक, अवसंरचना, शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
यूएई पर हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए वहां के नेतृत्व और लोगों के प्रति भारत की एकजुटता दोहराई। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय शांति, ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है।
सीईपीए समझौते की सफलता पर चर्चा
दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) की सफलता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है।
ऊर्जा साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
भारत और यूएई ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा में यूएई की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की, जिसमें कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति शामिल है।
बैठक में इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (आईएसपीआरएल) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के बीच रणनीतिक सहयोग समझौते का स्वागत किया गया। इसके तहत भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में यूएई की हिस्सेदारी 30 मिलियन बैरल तक बढ़ाई जाएगी।
इसके अलावा भारत में रणनीतिक गैस भंडार स्थापित करने के लिए भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। वहीं, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के बीच दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति समझौते का भी स्वागत किया गया।
भारत में 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा
दोनों नेताओं ने यूएई की कंपनियों द्वारा भारत में 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा का स्वागत किया। इसमें अमीरात न्यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा आरबीएल बैंक ऑफ इंडिया में 3 अरब डॉलर, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी द्वारा राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) के साथ 1 अरब डॉलर तथा इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा सम्मान कैपिटल में 1 अरब डॉलर निवेश शामिल है। दोनों देशों ने कहा कि ये निवेश भारत के विकास के प्रति यूएई की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत
भारत और यूएई ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढांचे पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत रक्षा औद्योगिक सहयोग, उन्नत प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और सूचना आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
जहाज निर्माण और कौशल विकास पर समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड, दुबई के बीच वाडीनार में पोत मरम्मत क्लस्टर स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इसके अलावा जहाज मरम्मत क्षेत्र में कौशल विकास के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, ड्राईडॉक्स वर्ल्ड दुबई और समुद्री एवं जहाज निर्माण उत्कृष्टता केंद्र के बीच त्रिपक्षीय समझौता भी हुआ।
सुपर कंप्यूटिंग और डिजिटल व्यापार पर भी सहयोग
भारत के सी-डैक और यूएई की जी-42 के बीच 8 एक्साफ्लॉप सुपर कंप्यूट क्लस्टर स्थापित करने को लेकर टर्म शीट पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने एमआईटीआरआई प्लेटफॉर्म के जरिए वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर संचालन का भी स्वागत किया। इससे सीमा शुल्क और बंदरगाह प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जाएगा, जिससे व्यापार लागत और पारगमन समय कम होगा।
राष्ट्रपति को भारत आने का निमंत्रण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान को गर्मजोशी से स्वागत और आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया तथा उन्हें भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

