
पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और ईंधन वितरण व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी दी।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित, समुद्री संचालन सामान्य
सरकार ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 72 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों या भारतीय चालक दल वाले विदेशी जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। जहाजरानी महानिदेशालय के कंट्रोल रूम ने अब तक 10,106 कॉल और 22,215 से अधिक ईमेल संभाले हैं। मंत्रालय ने अब तक 3,316 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी में मदद की है, जिनमें पिछले 72 घंटों में लौटे 99 नाविक भी शामिल हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देशभर के बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।
पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, घबराहट में खरीदारी न करें
सरकार ने नागरिकों से अपील की कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचें। अधिकारियों ने कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हैं। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में वृद्धि के बावजूद उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है।
एलपीजी आपूर्ति जारी, रिकॉर्ड स्तर पर सिलेंडर वितरण
सरकार ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद घरेलू एलपीजी की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले तीन दिनों में करीब 1.32 करोड़ सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले 1.34 करोड़ सिलेंडर वितरित किए गए। कल अकेले 45.36 लाख बुकिंग के मुकाबले 47.51 लाख सिलेंडर वितरित किए गए। एलपीजी की हेराफेरी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में लगभग 96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
पीएनजी अपनाने पर जोर, 58 हजार से अधिक लोगों ने छोड़ा एलपीजी कनेक्शन
सरकार स्वच्छ ईंधन के रूप में पीएनजी को बढ़ावा दे रही है। 20 मई 2026 तक 58,500 से अधिक उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in वेबसाइट के जरिए अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं। मार्च 2026 से अब तक लगभग 7.64 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया जा चुका है, जबकि 2.81 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है।
जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में छापेमारी
एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए पिछले तीन दिनों में देशभर में 5,000 से अधिक छापे मारे गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 3,100 से अधिक पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों का निरीक्षण किया। सरकार ने बताया कि 463 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 81 वितरकों को निलंबित किया गया है।
अस्पतालों और जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता
सरकार ने कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल और कृषि क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की आपूर्ति भी बढ़ाई गई है। पिछले तीन दिनों में करीब 1.87 लाख छोटे सिलेंडर बेचे गए हैं।
रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रहीं
सरकार के अनुसार सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। घरेलू मांग पूरी करने के लिए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। सरकार ने कहा कि भारत में ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और ईंधन वितरण व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

