
केंद्र सरकार ने देशभर में विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए शुरू की गई ‘भव्य’ योजना के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह महत्वाकांक्षी योजना भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, ‘भव्य’ योजना का उद्देश्य निवेश के लिए पूरी तरह तैयार आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करना है, जिससे देश के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिले। यह योजना मेक इन इंडिया, पीएम गति शक्ति और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के सरकार के विजन के अनुरूप तैयार की गई है।
सरकार ने इस योजना के तहत वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों में देशभर में 100 औद्योगिक पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब 33,660 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है। योजना के पहले चरण में 50 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इनका चयन चुनौती आधारित प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना के तहत ग्रीनफील्ड और पात्र ब्राउनफील्ड दोनों प्रकार के औद्योगिक पार्क विकसित किए जा सकेंगे।
सरकार ने भूमि के लिए न्यूनतम सीमा भी तय की है। गैर-पहाड़ी राज्यों में कम से कम 100 एकड़ जमीन जरूरी होगी, जबकि पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों में यह सीमा 25 एकड़ रखी गई है। वहीं, 1000 एकड़ तक के बड़े पार्कों पर भी विचार किया जा सकेगा।
योजना के तहत औद्योगिक पार्कों में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, भरोसेमंद बिजली-पानी जैसी सुविधाएं, श्रमिकों के लिए सहायक ढांचा, डिजिटल गवर्नेंस सिस्टम और टिकाऊ विकास संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इन परियोजनाओं को कंपनियां अधिनियम 2013 के तहत गठित विशेष प्रयोजन वाहन यानी एसपीवी के माध्यम से लागू किया जाएगा। यही एसपीवी परियोजनाओं की योजना, संचालन, प्रबंधन, निवेशकों को सुविधा देने और दीर्घकालिक रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना को लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़ी केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के साथ जोड़ा जाएगा।(इनपुट-आईएएनएस)

