जरूरतमंदों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : पीएम मोदी

जरूरतमंदों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार की बड़ी पहल का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि सरकार देश के हर जरूरतमंद तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, “देश के हर जरूरतमंद तक पीडीएस के माध्यम से समय पर खाद्यान्न पहुंचे, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में सार्थक-पीडीएस को ज्यादा आधुनिक और प्रभावी बनाकर जारी रखने का फैसला किया गया है। इससे पीडीएस की डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और बेहतर बनेगी, साथ ही शिकायतों के समाधान में भी तेजी आएगी।”

पांच वर्षों तक जारी रहेगी ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) ने ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने को मंजूरी दी है। इस योजना पर केंद्र सरकार करीब 25,530 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह राशि 16वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।

दो योजनाओं को मिलाकर तैयार किया गया नया ढांचा

सरकार ने दो प्रमुख योजनाओं को मिलाकर ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना का नया व्यापक ढांचा तैयार किया है। इनमें ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत राज्यों को खाद्यान्न के राज्य के भीतर परिवहन और फेयर प्राइस शॉप डीलरों के मार्जिन के लिए सहायता’ और ‘स्मार्ट पीडीएस’ योजना शामिल हैं। अब इन दोनों योजनाओं को एकीकृत कर ‘सार्थक-पीडीएस’ के रूप में लागू किया जाएगा।

तकनीक आधारित और पारदर्शी बनेगा पीडीएस सिस्टम

इस योजना का उद्देश्य केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम को तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाना है। सरकार चाहती है कि अंतिम व्यक्ति तक खाद्यान्न की डिलीवरी बेहतर हो, राशन व्यवस्था में गड़बड़ियां कम हों और पूरी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़े। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।

एआई और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का होगा इस्तेमाल

सरकार अब पीडीएस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करेगी। इसके तहत रियल टाइम मॉनिटरिंग, एआई आधारित शिकायत निवारण प्रणाली, डेटा आधारित निगरानी के लिए स्टेट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और एकीकृत डेटाबेस तैयार किए जाएंगे। साथ ही आईएसओ प्रमाणित प्रक्रियाओं के जरिए सिस्टम को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

81.35 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार ने कहा कि देश के लोगों को सम्मानजनक जीवन और खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना उसकी सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी है। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले 81.35 करोड़ लोगों तक बेहतर तरीके से खाद्यान्न पहुंचाने में मदद करेगी।

पिछले दशक में तेजी से हुआ पीडीएस का डिजिटलीकरण

पिछले एक दशक में सरकार ने पीडीएस को डिजिटल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें टीपीडीएस का एंड-टू-एंड कंप्यूटरीकरण, आईएम-पीडीएस और स्मार्ट पीडीएस जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा ‘मेरा राशन’, ‘अन्न मित्र’, ‘राइटफुल टार्गेटिंग डैशबोर्ड’ और ‘अन्न सहायता’ जैसे मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं।

1 अप्रैल 2023 से स्मार्ट पीडीएस योजना तकनीक आधारित सुधारों की मुख्य कड़ी बनी हुई है। इसके तहत राशन कार्डों का डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस मशीनों के जरिए फेयर प्राइस शॉप का ऑटोमेशन, ऑनलाइन राशन आवंटन और कंप्यूटरीकृत सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे कार्य देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किए जा चुके हैं।