मीनाक्षी नटराजन नामांकन मामला, चुनाव आयोग ने खारिज की कांग्रेस की याचिका, जीतू पटवारी बोले- राष्ट्रपति से लगाएंगे न्याय की गुहार  

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन (Meenakshi Natarajan) रद्द होने पर प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के पास इस मामले की शिकायत लेकर पहुंचा। इस दौरान उन्होंने रिटर्निंग ऑफिस के फैसले को कानूनी रूप से गलत बताया। अन्य कई मुद्दे भी उठाए। लेकिन कांग्रेस की याचिका चुनाव आयोग ने खारिज कर दी है।

याचिका रद्द होने पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि, “चुनाव आयोग ने भाजपा सरकार के दबाव में आकर राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया है।” उन्होंने EC ने फैसले को लोकतांत्रिक मूल्य और संवैधानिक मर्यादाओं पर गंभीर प्रहार बताया और कहा कि, “बीजेपी सरकार संसद में बहुमत बनाए रखने के लिए संविधान को रौंद रही है।”

सभी विधायक राष्ट्रपति से लगाएंगे न्याय की गुहार- जीतू पटवारी का ऐलान 

जीतू पटवारी ने बताया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूरे प्रदेश में जन जागरण करने का फैसला लिया है। बीजेपी कार्यालयों और मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। सभी ब्लॉकों में पुतले भी फूंके जाएंगे। इस जनजागरण में सबसे बड़ी भूमिका ग्राम पंचायत और वार्ड कांग्रेस कमेटी की होगी। उन्होंने कहा, “हर गांव, हर घर में भारतीय जनता पार्टी का असली चेहरा बेनकाब करने की कोशिश की जाएगी।” आगे उन्होंने ने ऐलान किया किया शुक्रवार को सभी कांग्रेस विधायक दिल्ली जाएंगे और राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाएंगे।

याचिका में क्या कहा गया?

इस याचिका में कहा गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने जिस आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया था, उनका जिक्र कानून में नहीं है। ऐसा कोई भी क्रिमिनल केस नहीं था, जिसका खुलासा मीनाक्षी नटराजन द्वारा नहीं किया गया था। मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने के लिए एक नोटिस आया था, जो किसी भी मामले का प्राथमिक चरण होता है। जिसके आधार पर यह फैसला किया जाता है कि केस आगे चलना चाहिए या नहीं। बिना मजिस्ट्रेट के संज्ञान की कोई भी क्रिमिनल केस साबित नहीं होता, चुनाव आयोग के कानून में यह स्पष्ट लिखा है।

नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को यह करना होता है कि जिसमें अपराध अगस्त सिद्ध हो तो या सजा दो साल से ज्यादा हो या जिसमें चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। इसे देखने की जिम्मेदारी RO की होती है। लेकिन मीनाक्षी नटराजन के मामले में अब मजिस्ट्रेट में संज्ञान नहीं लिया है उनके संज्ञान लेने के बाद जांच होगी और फिर चार्जेस तैयार किया जाएगा। इस मामले में अभी भी तीन चरण बाकी है। लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर नहीं है मान लिया कि अपराध या आपराधिक मामला लंबित है। इसलिए नामांकन को रोकना नियमों के खिलाफ है।