सरकार के सुधारों से बढ़ा भरोसा, रोजमर्रा की जिंदगी हो रही आसान: पीएम मोदी

सरकार के सुधारों से बढ़ा भरोसा, रोजमर्रा की जिंदगी हो रही आसान: पीएम मोदी

सरकार जीवनयापन को सरल बनाने और सुधारों की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह बात कही और स्पष्ट किया कि आने वाले समय में सुधारों को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकार ने लाखों लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार किया है काम 

मायगवइंडिया के ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किए गए एक थ्रेड का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने लाखों लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ‘जीवन की सुगमता’ को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ‘जीवन की सुगमता’ को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और नीचे दिया गया थ्रेड इस बात का उदाहरण है कि हम इस दिशा में कैसे काम कर रहे हैं। आने वाले समय में हमारा सुधार अभियान और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेगा।”

सुधारों का फोकस जटिलता के बजाय परिणामों पर

मायगवइंडिया हैंडल ने पोस्ट में कहा कि सुधारों की असली परीक्षा यह है कि क्या उनसे लोगों का तनाव कम हुआ है। पोस्ट में कहा गया, “2025 में शासन व्यवस्था में एक स्पष्ट बदलाव देखने को मिला, जहां सुधारों का फोकस जटिलता के बजाय परिणामों पर रहा। सरल कर कानून, तेज विवाद समाधान, आधुनिक श्रम संहिताएं और अपराधमुक्त अनुपालन ने नागरिकों और व्यवसायों- दोनों के लिए मुश्किलें कम की हैं।”

12 लाख रुपए तक की आय पर अब कोई टैक्स नहीं

पोस्ट में आगे कहा गया कि विश्वास, पूर्वानुमान और दीर्घकालिक विकास पर जोर दिया गया है, जो यह दर्शाता है कि सही नीतियां किस तरह चुपचाप रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बना सकती हैं। लाखों भारतीयों के लिए कर राहत अब वास्तविकता बन चुकी है। 12 लाख रुपए तक की आय पर अब कोई टैक्स नहीं देना होता, जिससे मध्यवर्गीय परिवार अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बचा सकते हैं। इससे उन्हें अधिक आत्मविश्वास के साथ खर्च करने, बचत करने और निवेश करने का अवसर मिल रहा है।

नए भारत के लिए एक नया टैक्स कानून

पोस्ट में कहा गया, “नए भारत के लिए एक नया टैक्स कानून। 1961 के आयकर अधिनियम की जगह आयकर अधिनियम, 2025 ने अनुपालन को सरल बनाया है और प्रत्यक्ष कर प्रणाली में स्पष्टता, पारदर्शिता और निष्पक्षता लाई है, जिससे यह करदाताओं के लिए अधिक अनुकूल और वर्तमान जरूरतों के अनुरूप बन गया है।”

छोटे व्यवसायों के लिए सुधारों का सीधा लाभ

छोटे व्यवसायों के लिए भी सुधारों का सीधा लाभ सामने आया है। निवेश और कारोबार की ऊंची सीमाओं के चलते एमएसएमई अब लाभ खोने के डर के बिना आगे बढ़ सकते हैं और लोन व टैक्स छूट का फायदा उठाकर अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं। इससे स्थानीय व्यवसाय मजबूत हो रहे हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

श्रम कानूनों को सरल बनाकर चार स्पष्ट श्रम संहिताओं में किया गया समाहित 

इसके अलावा, 29 श्रम कानूनों को सरल बनाकर चार स्पष्ट श्रम संहिताओं में समाहित किया गया है, जिनमें वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्तें शामिल हैं। पोस्ट के अनुसार, इससे अधिकार अधिक स्पष्ट हुए हैं, अनुपालन आसान हुआ है और महिलाओं को मातृत्व लाभ व कार्यस्थल पर सुरक्षा का भरोसा मिला है।

जीएसटी सुधारों की अगली पीढ़ी व्यापार करने में सुगमता को और बढ़ा रही है

सरल टैक्स स्लैब, आसान पंजीकरण, स्वचालित प्रक्रियाओं और तेज रिफंड के साथ जीएसटी सुधारों की अगली पीढ़ी व्यापार करने में सुगमता को और बढ़ा रही है। पोस्ट में कहा गया कि इसका असर दिवाली पर रिकॉर्ड 6.05 लाख करोड़ रुपए की बिक्री और एक दशक से अधिक समय में नवरात्रि की सबसे मजबूत खरीदारी के रूप में साफ दिखाई देता है। (इनपुट: आईएएनएस)