अमित शाह करेंगे सहकारिता क्षेत्र की पहली टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ

अमित शाह करेंगे सहकारिता क्षेत्र की पहली टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 05 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सहकारिता क्षेत्र की पहली टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ करेंगे। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न से प्रेरित है और नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

‘सहकार से समृद्धि’ विज़न को मिलेगा बल

भारत टैक्सी का शुभारंभ सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। यह प्लेटफॉर्म सहकारी संस्थाओं को रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

‘सारथी ही मालिक’ मॉडल पर आधारित प्लेटफॉर्म

भारत टैक्सी को मोबिलिटी सेक्टर में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें ड्राइवरों को ‘सारथी’ के रूप में स्वामित्व, संचालन और मूल्य-निर्माण के केंद्र में रखा गया है। इसका उद्देश्य ड्राइवरों को शोषणकारी एग्रीगेटर-आधारित मॉडलों से मुक्त कराना है।

शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सारथियों को मिलेगा सम्मान

कार्यक्रम के दौरान भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉन्च के बाद से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष छह सारथियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्हें शेयर प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जिससे ‘सारथी ही मालिक’ की अवधारणा को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही प्रत्येक सम्मानित सारथी को ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और ₹5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा।

सुरक्षा और एकीकरण के लिए होंगे अहम समझौते

इस अवसर पर संचालन, डिजिटल सशक्तिकरण, सुरक्षा और सेवा वितरण को मजबूत करने के उद्देश्य से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों के साथ नौ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

शून्य कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल

भारत टैक्सी बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत भारत का पहला सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। यह प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर काम करता है, जिससे लाभ का सीधा वितरण ड्राइवरों को किया जाता है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पर जोर

भारत टैक्सी ‘सारथी दीदी’ और ‘बाइक दीदी’ जैसी पहलों के माध्यम से महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहा है। अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। इसके अलावा, ड्राइवरों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और समर्पित सहायता केंद्रों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

तेजी से बढ़ता नेटवर्क और भविष्य की योजना

अब तक तीन लाख से अधिक ड्राइवर भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं और एक लाख से अधिक यूज़र पंजीकृत हैं। दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं, जबकि करीब ₹10 करोड़ की राशि सीधे ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है। आने वाले दो वर्षों में प्लेटफॉर्म को देश के सभी राज्यों और शहरों तक विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। (इनपुट: पीआईबी)