
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव और उपचुनावों के दौरान प्रवर्तन एजेंसियों ने 865 करोड़ रुपए से अधिक की सामग्री जब्त की है। भारत निर्वाचन आयोग ने इस पर सख्ती बरतते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आचार संहिता के सख्त पालन के निर्देश
निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया था। सभी राज्यों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने और चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
फ्लाइंग और निगरानी टीमों की तैनाती
चुनाव को स्वच्छ और भयमुक्त बनाने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पश्चिम बंगाल में 2,728 और तमिलनाडु में 2,283 फ्लाइंग स्क्वाड लगाए गए हैं, जो शिकायत मिलने पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करते हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में 3,142 और तमिलनाडु में 2,221 स्थिर निगरानी टीमें भी सक्रिय हैं।
जब्ती के आंकड़े चौंकाने वाले
26 फरवरी 2026 से अब तक पश्चिम बंगाल में 427 करोड़ रुपए और तमिलनाडु में 438 करोड़ रुपए की सामग्री जब्त की गई है। दोनों राज्यों में मिलाकर 99 करोड़ रुपए नकद, 32.91 लाख लीटर से अधिक शराब, 174 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ, 159 करोड़ रुपए की कीमती धातुएं और 350 करोड़ रुपए के मुफ्त उपहार जब्त किए गए हैं।
लोगों को परेशानी न हो, आयोग के निर्देश
निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जांच और छापेमारी के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत समितियां भी गठित की गई हैं।
मोबाइल ऐप से शिकायत दर्ज करने की सुविधा
आम नागरिक और राजनीतिक दल अब मोबाइल ऐप के जरिए आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते हैं।
सख्ती से साफ चुनाव की कोशिश
निर्वाचन आयोग का मानना है कि इन सख्त कदमों से चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सकेगा। इस बार जब्ती की राशि पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक है, जो एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है।

