
भारतीय जहाज नंदा देवी एलपीजी लेकर गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि भारतीय जहाज नंदा देवी एलपीजी लेकर मंगलवार को सुबह लगभग 11.25 बजे गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा। इस हफ्ते एलपीजी लेकर पश्चिमी तट पर पहुंचने वाला ‘नंदा देवी’ दूसरा जहाज है। इससे एक दिन पहले ‘शिवालिक’ मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा था।
दोनों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत पहुंचे हैं। जलडमरूमध्य ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण बाधित है। ईरान की ओर से अनुमति मिलने के बाद ये जहाज भारत पहुंचे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से ईरान की बढ़ती सैन्य कार्रवाई और चेतावनियों के चलते फरवरी के अंत से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है।
गौरतलब हो, कल सोमवार को कांडला बंदरगाह के अधिकारियों ने निर्देश जारी किया था कि एलपीजी ले जाने वाले सभी जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर लंगर डालने की अनुमति दी जाए ताकि माल की अनलोडिंग में तेजी लाई जा सके और देरी को कम किया जा सके। दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण ने जहाज एजेंटों को भेजे गए एक परिपत्र में कहा कि बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने बंदरगाहों को एलपीजी से लदे जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर लंगर डालने का निर्देश दिया है ताकि देश भर में खाना पकाने की गैस का निर्बाध वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
कतर से लगभग 46,000 टन एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक जहाज ने अपनी नौ दिवसीय यात्रा पूरी की और सोमवार शाम को मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा था। बंदरगाह अधिकारियों ने पहले से ही डॉक्यूमेंटेशन और डॉकिंग की व्यवस्था कर ली थी ताकि बिना किसी देरी के माल उतारने का काम शुरू किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों जहाज घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा हैं, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। नंदा देवी के पहुंचने के साथ ही, संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा एक अन्य जहाज ‘जग लाडकी’ रास्ते में है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फारस की खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे, जिनमें कुल 611 नाविक सवार थे। (इनपुट-आईएएनएस)
