
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर टोल दरों में बढ़ोतरी की है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। अब यात्रियों को बिलासपुर, रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ सहित सभी टोल प्लाजा पर 5 से 20 रुपए तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इस बढ़ोतरी से रोजाना एक लाख से ज्यादा वाहनों पर सीधा असर पड़ेगा, हालांकि स्थानीय पासधारकों को पुराने दर पर ही सफर करने की छूट मिलेगी।
नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे पर टोल दरों को बढ़ा दिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी, जिसके बाद यात्रियों को बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ समेत सभी टोल प्लाजा पर 5 से 20 रुपए तक एक्स्ट्रा टैक्स देना होगा। NHAI ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल की ये नई दरें जारी की हैं।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना एक लाख से ज्यादा वाहनों पर पड़ेगा, जो अकेले बिलासपुर जिले के चार प्रमुख टोल प्लाजा जैसे भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा से गुजरते हैं। विशेष रूप से बिलासपुर और पड़ोसी जिलों के बीच आने-जाने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। हालांकि, स्थानीय पासधारकों के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें पुरानी दर पर ही सफर करने की छूट मिलेगी, जिससे उनके लिए 20 किलोमीटर वाली छूट योजना पहले की तरह जारी रहेगी।
रिंग रोड पर निजी और हल्के वाहनों को राहत
NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में टोल शुल्क में 5 से 10% तक की बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग टोल मैनेजमेंट और NHAI के नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह बढ़ोतरी न्यूनतम 5 रुपए से लेकर अधिकतम 20 रुपए तक की है। रिंग रोड पर निजी वाहनों और हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए टोल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां केवल भारी कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए ही टोल रेट में 5 से लेकर 20 रुपए तक की वृद्धि हुई है।
NHAI ने सालाना पास की कीमत में 75 रुपए की वृद्धि की
सालाना पास की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। NHAI ने कार के लिए बनने वाले सालाना पास की कीमत में 75 रुपए की वृद्धि की है। यह बढ़ोतरी भी 1 अप्रैल से प्रभावी होगी। अभी तक सालाना पास 3 हजार रुपए में बनता था, जिसमें 200 टोल बूथ क्रॉस करने की सीमा होती है। 1 अप्रैल से बनने वाले सालाना पास के लिए अब वाहन चालकों को 3075 रुपए चुकाने पड़ेंगे। यह वृद्धि भी देश भर में हाईवे टोल की दरों में बदलाव के लिए तय फॉर्मूले के आधार पर की गई है, जिसके तहत इस बार 2.5% की वृद्धि लागू हुई है।
टोल टैक्स की दरें तय करने का एक निर्धारित तरीका है। ये दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में इंडेक्स का मूल्यांकन किया जाता है, जिसके बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल के आधार पर भी तय होती है। जिन सड़कों पर ज्यादा सुविधाएं होती हैं, वहां टोल भी ज्यादा लगता है। सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, फास्टैग एनुअल पास की शुरुआत के समय ही इसके नोटिफिकेशन में हर साल कीमतों की समीक्षा और बदलाव का प्रावधान रखा गया था। यह वर्तमान बढ़ोतरी उसी सालाना रिवीजन प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
सभी टोल प्लाजा पर 24 घंटे रिचार्ज और हेल्पडेस्क की सुविधा
प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। जिन वाहनों में फास्टैग एक्टिव नहीं होगा, उन्हें दोगुना टोल चुकाना होगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सभी टोल प्लाजा पर 24 घंटे रिचार्ज और हेल्पडेस्क की सुविधा उपलब्ध रहेगी। NHAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क रखरखाव के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह वार्षिक वृद्धि करना आवश्यक था।
NHAI के मैनेजर राजेश्वर सूर्यवंशी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यालय के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी होंगी। उन्होंने पुष्टि की कि वार्षिक पास अब 3075 रुपए में बनेगा और स्थानीय लोगों के लिए 20 किलोमीटर वाली छूट योजना पहले की तरह जारी रहेगी, जिससे उन्हें काफी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ की सड़कों पर हर टोल प्लाजा में 5 रुपए की वृद्धि की गई है।
