
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने ‘डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग (संशोधन) विनियम, 2026 (2026 का 3)’ जारी कर दिए हैं। इन संशोधनों के तहत वर्ष 2016 के विनियमों में बदलाव करते हुए राष्ट्रीय भवन निर्माण मानक (एनबीसीएस), 2026 को शामिल किया गया है। साथ ही पुराने एनबीसी संदर्भों को एनबीसीएस से प्रतिस्थापित किया गया है।
किन पर लागू होंगे नए विनियम
ट्राई के अनुसार, ये विनियम उन संपत्ति प्रबंधकों पर लागू होंगे जो डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए अपनी संपत्तियों की रेटिंग या ऑडिट कराना चाहते हैं। इसके अलावा डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां, इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन (आईबीएस) प्रदाता और दूरसंचार सेवा प्रदाता भी इसके दायरे में आएंगे।
ये नियम उन सेवा प्रदाताओं पर भी लागू होंगे, जो दूरसंचार सेवाएं देने के लिए संपत्तियों की डिजिटल संचार अवसंरचना और आईबीएस के साथ अपने नेटवर्क को एकीकृत करते हैं।
मजबूत और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल अवसंरचना पर जोर
ट्राई ने कहा कि इन संशोधनों का उद्देश्य नियमों में स्पष्टता बढ़ाना, कार्यान्वयन को बेहतर बनाना, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना तथा हितधारकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इसके साथ ही संपत्तियों में मजबूत, भविष्य के लिए तैयार और गैर-भेदभावपूर्ण डिजिटल कनेक्टिविटी अवसंरचना को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया है। हालांकि, डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग ढांचे के मूल सिद्धांतों और उद्देश्यों को यथावत रखा गया है।
संशोधित रेटिंग मैनुअल भी होगा जारी
ट्राई ने बताया कि हितधारकों के साथ परामर्श और कार्यान्वयन के अनुभवों के आधार पर किए गए संशोधनों को शामिल करते हुए संशोधित रेटिंग मैनुअल भी उसकी वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा।
13 मई 2026 से लागू हुए नियम
ट्राई के अनुसार, संशोधित नियम उसकी वेबसाइट (www.trai.gov.in) पर उपलब्ध करा दिए गए हैं और ये 13 मई 2026 से प्रभावी हो गए हैं। अधिक जानकारी के लिए ट्राई के सलाहकार (क्यूओएस-1) तेजपाल सिंह से संपर्क किया जा सकता है। ई-मेल: adv-qos1@trai.gov.in | फ़ोन: +91-11-20907759

