
भारत ने पश्चिम एशिया में बदलते हालात को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर खाड़ी देशों के साथ संवाद को मजबूत किया गया है।
ईरान के साथ लगातार संपर्क में भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि भारत ईरान के अधिकारियों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और भारतीय जहाजों की सुरक्षित निकासी को लेकर बातचीत जारी है।
खाड़ी देशों के साथ बढ़ाया गया समन्वय
जायसवाल ने बताया कि हाल के दिनों में कई उच्च-स्तरीय दौरे हुए हैं। अजीत डोभाल ने रियाद का दौरा किया, जबकि विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की और पेट्रोलियम मंत्री कतर गए। इन दौरों का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, भारतीय प्रवासियों के कल्याण और अन्य साझा हितों पर सहयोग बढ़ाना है।
सऊदी अरब के साथ बढ़ती रणनीतिक साझेदारी
एनएसए अजीत डोभाल ने अपने दौरे के दौरान सऊदी अरब के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इनमें ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसाद अल-ऐबान शामिल हैं। इस दौरे ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष नजर
जायसवाल ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
गोलीबारी की घटना पर जताई चिंता
हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर भारत ने चिंता जताई है। इस संबंध में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के बीच बैठक हुई, जिसमें भारत ने इस घटना पर अपना कड़ा रुख रखा।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित देशों के साथ लगातार समन्वय और संवाद जारी है।

