
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सांचू पोस्ट पर आयोजित प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महिला बैरकों का ई-उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव और BSF के महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
BSF के बलिदान को नमन
अमित शाह ने कहा कि BSF के जवान स्थापना काल से ही भीषण गर्मी, कड़ाके की ठंड, घने जंगलों और बर्फीली चोटियों जैसी कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2000 से अधिक सीमा प्रहरियों का सर्वोच्च बलिदान पूरे देश पर BSF का ऋण है और हर भारतीय को उन पर गर्व है।
महिला जवानों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक सीमा सुरक्षा में तैनात सभी महिला जवानों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 79 बैरकों को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 67 बैरकों का निर्माण लगभग 39 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हो चुका है। इनमें से 14 बैरकों का उद्घाटन मंगलवार को किया गया। अमित शाह ने बताया कि BSF की विभिन्न सीमाओं पर लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से कुल 356 बैरकों का निर्माण किया जाएगा।
‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ पर दिया जोर
अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर सिक्योरिटी केवल isolated duty नहीं बल्कि territorial responsibility है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के लिए BSF, सेना, सीमांत नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ बनाते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि शून्य घुसपैठ सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और यह इसी सुरक्षा ग्रिड के जरिए संभव है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में BSF के योगदान की सराहना
गृह मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान BSF के जवानों ने सराहनीय प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जहां भी BSF ने मोर्चा संभाला, वहां जवान पूरी मजबूती से डटे रहे। साथ ही सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोगों का मनोबल बनाए रखने में भी BSF ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जवानों ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब भी दिया।
सांचू पोस्ट के ऐतिहासिक महत्व का किया उल्लेख
अमित शाह ने कहा कि 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान सांचू पोस्ट की सुरक्षा में जवानों ने अदम्य साहस दिखाया था। उन्होंने बताया कि उस समय पाकिस्तान ने सांचू पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन आरएसी और 13 ग्रेनेडियर के जवानों ने जवाबी कार्रवाई कर सांचू को सुरक्षित रखा। उन्होंने कहा कि इस विजय दिवस को आज “सांचू दिवस” के रूप में मनाया जाता है और यह पोस्ट भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है।
सीमा क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर रही सरकार
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों में लगभग 1096 किलोमीटर लंबी लेटरल रोड और 520 किलोमीटर लंबी एक्सियल रोड का निर्माण कर रही है, जिससे सीमावर्ती चौकियों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि नई डिजाइन की हाईटेक फेंसिंग का काम भी जारी है और राजस्थान की करीब 180 चौकियों तक पाइपलाइन से पीने का पानी पहुंचाया जा चुका है।
ड्रोन और तस्करी पर सख्त नजर
अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा के स्वरूप में बदलाव आया है और अब तकनीक का दुरुपयोग करने वाले देशविरोधी तत्व नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से BSF का कार्यक्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया गया है। गृह मंत्री ने BSF को निर्देश दिया कि सीमा से 50 किलोमीटर के भीतर होने वाले अवैध निर्माण और असामान्य जनसांख्यिकीय बदलावों पर नजर रखी जाए और इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि ड्रोन और अन्य माध्यमों से होने वाली नारकोटिक्स तथा हथियारों की तस्करी रोकने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। अमित शाह ने बताया कि अगले छह महीने में सीमा पर ड्रोन रोधी संयंत्र लगाए जाएंगे और सीमा सुरक्षा के लिए विश्वस्तरीय तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी।
‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ में BSF की भूमिका अहम
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ योजना के तहत सीमांत गांवों का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि BSF को इस कार्यक्रम में नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीमावर्ती गांवों में 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करना चाहिए।
देश के भीतर मौजूद खतरों पर भी नजर जरूरी
अमित शाह ने कहा कि सीमा पार से आने वाले खतरों के साथ-साथ देश के भीतर मौजूद उन तत्वों पर भी पैनी नजर रखने की जरूरत है, जो आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों ने पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों ने लगभग 7 करोड़ 35 लाख पौधे लगाए हैं। इस दौरान अमित शाह ने खेजड़ी का पौधा भी लगाया और इसे रेगिस्तान का ‘कल्पवृक्ष’ बताया। (इनपुट: पीआईबी)

