
भारत में कुल टेलीफोन सब्सक्राइबर की संख्या जुलाई 2026 में 62 लाख बढ़कर 135.4 करोड़ हो गई। इस दौरान मासिक आधार पर 0.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
इस वृद्धि में वायरलेस और वायरलाइन दोनों कनेक्शनों का योगदान रहा। जुलाई में वायरलेस सब्सक्राइबर की संख्या 60.2 लाख बढ़ी, जबकि वायरलाइन कनेक्शन में 1.9 लाख की वृद्धि हुई।
जुलाई के अंत में कुल टेलीफोन सब्सक्राइबर की संख्या 1,354.28 मिलियन रही। इनमें शहरी सब्सक्राइबर की हिस्सेदारी 58.83 प्रतिशत और ग्रामीण सब्सक्राइबर की हिस्सेदारी 41.17 प्रतिशत रही।
ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर बेस में भी लगातार वृद्धि हुई। मशीन-टू-मशीन (M2M) सेल्युलर मोबाइल कनेक्शन को शामिल करने पर कुल ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर की संख्या 1,094.48 मिलियन पहुंच गई। इसमें 1,046.34 मिलियन वायरलेस और 48.14 मिलियन वायरलाइन कनेक्शन शामिल हैं।
M2M सेल्युलर मोबाइल कनेक्शन को हटाने पर जुलाई के अंत में ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर की संख्या 1,005.72 मिलियन रही। इस खंड में मासिक आधार पर 0.58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
ग्रामीण कनेक्टिविटी में भी वृद्धि जारी रही। जुलाई में ग्रामीण टेलीफोन सब्सक्राइबर की संख्या 15.8 लाख बढ़कर 557.59 मिलियन हो गई। ग्रामीण सब्सक्राइबर बेस में मासिक आधार पर 0.28 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
M2M सेल्युलर मोबाइल कनेक्शन को शामिल करने पर जुलाई में कुल टेली-डेंसिटी 94.68 प्रतिशत रही। ग्रामीण टेली-डेंसिटी 61.05 प्रतिशत, जबकि शहरी टेली-डेंसिटी 154.12 प्रतिशत दर्ज की गई।
आंकड़ों में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) की मांग भी लगातार मजबूत बनी हुई है। जुलाई के दौरान 1.598 करोड़ सब्सक्राइबरों ने MNP के लिए अनुरोध किया।
वहीं, पीक विजिटर लोकेशन रजिस्टर (VLR) के दिन सक्रिय वायरलेस सब्सक्राइबरों की संख्या जुलाई में 1,204.01 मिलियन रही।
(इनपुट-आईएएनएस)

