
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को हनोई में वियतनाम के उप-प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत और वियतनाम के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की तथा समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और नौवहन की स्वतंत्रता पर जोर
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों मंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों, साइबर सुरक्षा और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी में समझौता
बैठक के दौरान भारत के मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग और वियतनाम की टेलीकम्युनिकेशंस यूनिवर्सिटी के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। इसे भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वियतनाम में एआई लैब स्थापित करेगा भारत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के न्हा ट्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला स्थापित करने की घोषणा की। इसके अलावा दोनों रक्षा मंत्रियों ने वियतनाम के वायुसेना अधिकारी महाविद्यालय में भारतीय सहायता से स्थापित भाषा प्रयोगशाला का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
रक्षा आधुनिकीकरण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
राजनाथ सिंह ने वियतनाम के साथ भारत की उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों में सहयोग जारी रखेगा। वहीं, जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना करते हुए दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया।
वियतनाम के राष्ट्रपति से भी की बातचीत
द्विपक्षीय बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने वियतनाम के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम से फोन पर बातचीत की। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर से शुभकामनाएं देते हुए रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, समुद्री सहयोग, डिजिटल परिवर्तन और जन-समुदायों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग और गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
हो ची मिन्ह को दी श्रद्धांजलि
अपने दौरे की शुरुआत में राजनाथ सिंह ने वियतनाम के संस्थापक नेता हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती पर उनके मकबरे पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हो ची मिन्ह की दूरदृष्टि, नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा तथा उन्होंने भारत-वियतनाम मित्रता की मजबूत नींव रखी। (इनपुट: पीआईबी)

