मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा, CM मोहन यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर चमका विक्रमोत्सव 2026, मिला BITA Gold Award

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का प्रतिष्ठित विक्रमोत्सव 2026 अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर रहा है। इस वर्ष विक्रमोत्सव को तीसरा राष्ट्रीय सम्मान मिला है, जिसमें BITA गोल्ड अवार्ड भी शामिल है। यह उपलब्धि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट आयोजन क्षमता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार नई ऊंचाइयां मिल रही हैं। इसी कड़ी में, प्रदेश के प्रतिष्ठित विक्रमोत्सव 2026 को इस वर्ष तीसरा राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है, जिसमें ‘BITA Awards 2026’ के अंतर्गत ‘Government Event of the Year’ का प्रतिष्ठित गोल्ड अवार्ड भी शामिल है। यह सम्मान मध्यप्रदेश की गौरवशाली संस्कृति और उत्कृष्ट आयोजन क्षमता का प्रतीक है, जिसे अब पूरे देश में सराहा जा रहा है।

इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑफ इवेंट इंडस्ट्री द्वारा 15 एवं 16 जुलाई 2026 को देहरादून में आयोजित ‘हिन्‍दुस्‍तान 2.0 नेशनल चिंतन शिविर एवं एक्‍स्‍पो’ में यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। बीटा की टीम शीघ्र ही भोपाल आकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यह विशिष्ट सम्मान प्रदान करेगी, जो राज्य के लिए एक और गौरवशाली पल होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय और भारत की गौरवशाली विरासत के पुनर्जागरण के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश प्रभावी रूप से साकार कर रहा है। संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं वैश्विक प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रदेश निरंतर राष्ट्रीय पहचान स्थापित कर रहा है।

विक्रमोत्सव ने भारतीय इवेंट इंडस्ट्री में स्थापित किया नया मानक: श्रीराम तिवारी

मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी पहल पर ही उज्जैन में विक्रमोत्सव को भव्यता के साथ मनाया जा रहा है, जो अब पूरे देश में फैल रहा है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, इतिहास और विरासत के राष्ट्रीय उत्सव के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने आगे कहा कि विक्रमोत्सव 2026 को प्राप्त यह तीसरा राष्ट्रीय सम्मान मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, उत्कृष्ट आयोजन क्षमता और जनभागीदारी की राष्ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति का परिचायक है। निदेशक तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस उपलब्धि ने न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे भारतीय इवेंट उद्योग को गौरवान्वित किया है और बड़े पैमाने पर सरकारी आयोजनों के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। यह सफलता भविष्य में मध्यप्रदेश को सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

इन अवार्ड्स से सम्मानित हो चुका है विक्रमोत्सव

यह उल्लेखनीय है कि विक्रमोत्सव दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ बिजनेस इवेंट भी शामिल हैं। विगत वर्षों में भी इस आयोजन को कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। विक्रमोत्सव 2025 को ‘ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड’ द्वारा ‘लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर’ से सम्मानित किया गया था। इसी प्रकार, ‘वाउ’ अवार्ड एशिया-2025 द्वारा एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड प्रदान किया जा चुका है। वर्ष 2024 में विक्रमोत्सव को एशिया का ‘बिगेस्ट रिलीजियस’ अवार्ड भी प्राप्त हुआ था।

विक्रमोत्सव 2026 के दौरान आयोजन के प्रसारण ने डिजिटल आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच आयोजन से संबंधित गतिविधियों ने कुल 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई। आधिकारिक सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम्स से जहां 47.85 लाख लोगों तक पहुँच बनी, वहीं आमजन द्वारा तैयार कंटेंट और विभिन्न हैशटैग्स के जरिए 17.24 करोड़ से अधिक की डिजिटल रीच दर्ज की गई, जो जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

विक्रमोत्सव बना मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक

विक्रमोत्सव 2026 का आरंभ सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से हुआ था, जिसके बाद पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। यह आयोजन 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला 139 दिवसीय उत्सव था, जो भारत और देश-दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा संगम बना। इसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा ‘शिवोऽहम महादेव’ की आराधना से सम्पन्न हुआ। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत सम्पन्न हुआ, जिसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गईं। विक्रमोत्सव 2026 के तहत 3 से 5 अप्रैल को उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए वाराणसी में ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ का सफल मंचन भी किया गया। यह आयोजन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहे प्रयासों का एक सशक्त प्रमाण है।