









मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती भारती चंद्राकर द्वारा क्लस्टर स्तर पर लगातार सरपंचों एवं ग्राम पंचायत सचिवों की प्रशिक्षण सह बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में पीएचई, क्रेडा, कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित होकर जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं।
बैठकों में ग्राम पंचायतों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना जा रहा है तथा कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि पहली बार ग्राम पंचायत स्तर की समस्याओं, अधिकारों एवं उनके समाधान को लेकर इतने गंभीर एवं विस्तृत स्तर पर चर्चा हो रही है, जिससे सभी सरपंच एवं सचिव अत्यंत संतुष्ट और उत्साहित हैं।
गांव में निपट रहे राजस्व प्रकरण
प्रशिक्षण सह बैठकों में ग्राम पंचायतों के अधिकार एवं जिम्मेदारियां, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ग्राम के तालाबों का मत्स्य पट्टे पर आवंटन, ग्राम पंचायतों की आय वृद्धि, अविवादित श्रेणी के नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों का ग्राम पंचायत स्तर पर निराकरण, एग्रीस्टैक के अंतर्गत किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन, आधार में मोबाइल अपडेट एवं बायोमेट्रिक अनिवार्यता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
जल संरक्षण पर फोकस
बैठक के दौरान विशेष रूप से वर्तमान समय में जल संकट एवं पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिक से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं निर्मित करने, जल संचय कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने, तालाब गहरीकरण, डबरी, नाला उपचार, ट्रेंच, चेकडैम, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों को जल संरक्षण अभियान से जोड़ने तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों से प्राप्त समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें शासन की मूल इकाई हैं और गांव स्तर पर समस्याओं का समाधान ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।
ग्रामीणों में उत्साह
बैठकों में सरपंचों द्वारा पेयजल, सिंचाई, सोलर लाइट, तालाब मरम्मत, कृषि सहायता, जल संरक्षण, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विषय रखे गए, जिन पर विभागीय अधिकारियों द्वारा तत्काल मार्गदर्शन एवं समाधान प्रदान किया गया।
ग्रामीण जनता में इन बैठकों को लेकर विशेष उत्साह एवं खुशी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाएं एवं समाधान उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे आम जनता के कार्य सरल एवं तेजी से पूरे हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन की इस पहल को ग्रामीण विकास एवं सुशासन की दिशा में अत्यंत सकारात्मक कदम बताया है।

