महाराष्ट्र में एनसीपी को मिला नया नेतृत्व, सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री

महाराष्ट्र में एनसीपी को मिला नया नेतृत्व, सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री

एनसीपी विधायक दल की नेता और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने लोकभवन में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और इस अवसर पर ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे भी लगाए गए।

लोकभवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

लोकभवन में आयोजित शपथ समारोह के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी संभाली। शपथ के बाद पार्टी नेताओं ने इसे संगठन के लिए भावनात्मक और राजनीतिक रूप से अहम क्षण बताया।

सीएम फडणवीस से मुलाकात के बाद बनी सहमति

इससे पहले, सुनेत्रा पवार के एनसीपी विधायक दल की नेता चुने जाने के बाद पार्टी नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई थी।

पार्टी नेताओं ने जताया भरोसा

एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि अजित पवार के निधन के बाद संगठन को कैसे संभाला जाए। उन्होंने कहा कि यह आघात बहुत बड़ा है और सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना आसान नहीं है, लेकिन पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए किसी को जिम्मेदारी संभालनी ही थी।

स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए फैसला

अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं और ऐसे समय में पार्टी को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अजित पवार जिन उम्मीदवारों के लिए खुद प्रचार कर रहे थे, अब उनकी जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार निभाएंगी।

कार्यकर्ताओं से जुड़ी रही हैं सुनेत्रा पवार

एनसीपी विधायक सना मलिक ने कहा कि पार्टी में यदि अजित पवार के बाद किसी को तुरंत स्वीकार किया जा सकता था, तो वह सुनेत्रा पवार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से सुनेत्रा पवार लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं के संपर्क में रही हैं और संगठन को समझती हैं।

विलय की चर्चाओं पर भी टिप्पणी

शरद पवार की पार्टी के साथ संभावित विलय की चर्चाओं पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि इस दिशा में अजित पवार की ओर से कुछ प्रयास जरूर चल रहे थे। कुछ नेताओं के बीच बातचीत भी हुई थी, लेकिन किन मुद्दों पर और किस स्तर पर चर्चा हुई, इसका स्पष्ट जवाब अब देना मुश्किल है। (इनपुट: आईएएनएस)