
मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र जल्द ही बुलाया जाएगा। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
संसद में महिला आरक्षण बिल (संविधान का 131वां संशोधन बिल, 2026) पारित न हो पाने को लेकर अब मध्य प्रदेश बीजेपी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए रविवार (19 अप्रैल 2026) को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विपक्षी दलों पर तीखे हमले किए।
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि बीजेपी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को भोपाल में एक विशाल ‘आक्रोश रैली’ (Protest March) निकाली जाएगी। आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों और संभागों में प्रदर्शन, रैलियां, पदयात्राएं और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर भी महिला आरक्षण के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। मप्र विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और निंदा प्रस्ताव भी लाया जाएगा।
MP में 17 जिलों में कलेक्टर के रूप में नेतृत्व कर रही है महिलाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमने 5 हज़ार वर्ष पुराने द्रौपदी के चीरहरण की कथा इतिहास में सुनी थी, लेकिन आज लोकतंत्र के मंदिर में बहनों के सम्मान के साथ जिस प्रकार विपक्ष ने खिलवाड़ किया, वह अत्यंत पीड़ादायक और शर्मनाक है। ऐसे लोगों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। मध्य प्रदेश आज नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह देश का एकमात्र राज्य है, जहाँ 17 जिलों में कलेक्टर के रूप में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं और 10 से अधिक जिले ऐसे हैं, जहाँ कलेक्टर-एसपी दोनों ही जिम्मेदार पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं । यह केवल आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि हमारी सोच, नीति और प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है कि हम महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अग्रणी भूमिका देने के लिए संकल्पित हैं।
प्रधानमंत्री ने हर दल को सुझाव देने का अवसर दिया
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विपक्ष की अलगाववादी और अवसरवादी मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर फिर पलटी खा गए, जिससे उनकी महिला-विरोधी सोच साफ नजर आती है। मैं इस कृत्य की कठोर शब्दों में निंदा करता हूँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्तावक बनकर जो निर्णय लिया, उसमें शुरुआत से ही हर दल को सुझाव देने का अवसर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को खुला पत्र भी लिखा, ताकि कोई यह न कहे कि हमें बोलने का अवसर नहीं मिला या हमसे चर्चा नहीं की गई।
INDI गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी: हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ वो सिर्फ संसदीय परंपरा नहीं बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा महत्त्वपूर्ण विषय था। राहुल गांधी के नेतृत्व में INDI गठबंधन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी मानसिकता महिला विरोधी है।
